निप्पल से सफेद रंग का डिस्चार्ज आए और आप प्रेग्नेंट भी न हों यह देखकर किसी भी महिला का घबरा जाना बिल्कुल स्वाभाविक है। कई लड़कियां और महिलाएं इस बात को शर्म की वजह से छुपाती रहती हैं, जबकि यह एक इलाज योग्य हार्मोनल समस्या है।
Renu IVF, Kanpur में डॉ. रेनू सिंह गहलोत से हर हफ्ते ऐसी महिलाएं मिलती हैं जो यह सवाल लेकर आती हैं बिना प्रेगनेंसी के ब्रेस्ट से दूध क्यों निकलता है? और उनका जवाब हमेशा यही होता है इसका कारण समझना ज़रूरी है, घबराना नहीं।
डॉ. रेनू सिंह गहलोत ने इस विषय पर एक बहुत ज़रूरी वीडियो बनाई है। अगर आप पढ़ने से पहले सुनना-देखना चाहती हैं, तो यहाँ क्लिक करें:
पहले समझें — ब्रेस्ट से दूध कब आना सामान्य है?
जैसा कि डॉ. रेनू सिंह गहलोत समझाती हैं दो स्थितियों में निप्पल डिस्चार्ज बिल्कुल सामान्य माना जाता है।
पहली स्थिति है प्रेग्नेंसी के दौरान — जब शरीर में प्रोलैक्टिन (Prolactin) नाम का हार्मोन अधिक मात्रा में बनता है। इसी से ब्रेस्ट का आकार बढ़ता है और कभी-कभी दूध जैसा डिस्चार्ज आने लगता है।
दूसरी स्थिति है स्तनपान (Lactation Period) के दौरान — जब माँ अपने बच्चे को दूध पिला रही होती है। उस समय प्रोलैक्टिन हार्मोन बहुत अधिक मात्रा में रिलीज़ होता है और यह ज़रूरी भी होता है।
लेकिन जब इन दोनों में से कोई भी स्थिति नहीं है और फिर भी निप्पल से सफेद रंग का डिस्चार्ज आ रहा है तो इसे गैलेक्टोरिया (Galactorrhea) कहा जाता है।
गैलेक्टोरिया होता क्या है?
गैलेक्टोरिया यानी बिना प्रेग्नेंसी या स्तनपान के निप्पल से दूध जैसा सफेद डिस्चार्ज आना। यह कोई बीमारी नहीं है, बल्कि एक लक्षण है जो यह संकेत देता है कि शरीर में प्रोलैक्टिन हार्मोन की मात्रा सामान्य से ज़्यादा हो गई है। इस स्थिति को हाइपरप्रोलैक्टिनीमिया (Hyperprolactinemia) कहते हैं।
प्रोलैक्टिन का सामान्य स्तर लगभग 25 नैनोग्राम प्रति मिलीलीटर तक होता है। इससे थोड़ा ऊपर-नीचे होना सुबह-शाम के अंतर यानी डायर्नल वेरिएशन की वजह से भी हो सकता है। इसके अलावा तनाव की स्थिति में भी प्रोलैक्टिन का स्तर बदल सकता है।
यह समस्या सिर्फ महिलाओं में नहीं, पुरुषों में भी देखी जा सकती है क्योंकि प्रोलैक्टिन हार्मोन उनमें भी बनता है। अनुमान है कि लगभग 25 से 30% महिलाओं को उनके प्रजनन काल यानी 15 से 45-50 वर्ष की उम्र के बीच यह समस्या हो सकती है।
प्रोलैक्टिन हार्मोन क्या होता है?
प्रोलैक्टिन एक बेहद ज़रूरी हार्मोन है जो दिमाग की पिट्यूटरी ग्लैंड (Pituitary Gland) से बनता है। यह हार्मोन दिन के अलग-अलग समय पर थोड़ा-बहुत ऊपर-नीचे होता रहता है। जब यह ग्लैंड ज़रूरत से ज़्यादा प्रोलैक्टिन बनाने लगती है, तो गैलेक्टोरिया की शिकायत होती है।
बिना प्रेगनेंसी के ब्रेस्ट से दूध क्यों निकलता है — मुख्य कारण
डॉ. रेनू सिंह गहलोत बताती हैं कि इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:
1. तनाव (Stress) सबसे आम और सबसे ज़्यादा नज़रअंदाज़ किया जाने वाला कारण। मानसिक तनाव की वजह से पिट्यूटरी ग्लैंड प्रोलैक्टिन अधिक मात्रा में बनाने लगती है।
2. पीसीओडी (PCOD) पीसीओडी से पीड़ित महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन की वजह से प्रोलैक्टिन का स्तर बढ़ सकता है।
3. थायरॉइड (Hypothyroidism) थायरॉइड ग्लैंड का कम काम करना यानी हाइपोथायरायडिज्म भी प्रोलैक्टिन बढ़ने का एक बड़ा कारण है।
4. अधिक वज़न (Obesity) मोटापे में हार्मोनल बदलाव की वजह से यह समस्या हो सकती है।
5. निप्पल स्टिमुलेशन बार-बार निप्पल को दबाने या छूने से भी प्रोलैक्टिन का स्तर बढ़ सकता है।
6. कुछ दवाइयाँ कुछ विशेष दवाएं लेने से भी गैलेक्टोरिया हो सकता है। अगर आप कोई दवा ले रही हैं और यह समस्या शुरू हुई है तो डॉक्टर को ज़रूर बताएं।
क्या यह सिर्फ महिलाओं की समस्या है?
नहीं। डॉ. रेनू सिंह गहलोत बताती हैं कि अगर पुरुषों में भी प्रोलैक्टिन हार्मोन ज़रूरत से ज़्यादा बनने लगे तो उन्हें भी स्तन से दूध जैसा डिस्चार्ज आ सकता है। यह सुनने में अजीब लग सकता है लेकिन यह एक मेडिकल तथ्य है।
क्या करें — कब डॉक्टर को दिखाएं?
जैसे ही निप्पल से बिना किसी स्पष्ट कारण के सफेद डिस्चार्ज आए इसे अनदेखा न करें। डॉ. रेनू सिंह गहलोत की सलाह है कि इसे यूं ही न छोड़ें, तुरंत डॉक्टर से मिलें और हार्मोन प्रोफाइल टेस्ट करवाएं।
जो भी कारण होगा उसी के हिसाब से इलाज किया जाएगा: थायरॉइड की वजह से है तो थायरॉइड की दवा से ठीक हो जाएगा। तनाव कारण है तो जीवनशैली में बदलाव और थेरेपी से राहत मिलती है। किसी दवा की वजह से है तो उसे बदला जा सकता है।
आपके लिए कौन सा रास्ता सही है?
यह पूरी तरह आपकी स्थिति और जाँच के नतीजों पर निर्भर करता है। इसीलिए बिना जाँच के कोई भी अनुमान लगाना सही नहीं है। सही डॉक्टर से मिलें, सही टेस्ट करवाएं और सही इलाज पाएं।
Renu IVF, Kanpur में क्या सुविधा मिलती है?
Renu IVF में डॉ. रेनू सिंह गहलोत और उनकी टीम इस समस्या के लिए पूरी जाँच और व्यक्तिगत इलाज देती है। यहाँ हार्मोन प्रोफाइल टेस्टिंग, थायरॉइड और पीसीओडी की जाँच, कारण के अनुसार इलाज की योजना और पूरी प्रक्रिया में भावनात्मक सहयोग एक ही छत के नीचे उपलब्ध है।
हम समझते हैं कि यह सफर भावनात्मक रूप से कठिन होता है। इसीलिए हम सिर्फ इलाज नहीं आपका साथ भी देते हैं।
एक ज़रूरी बात — घबराएं नहीं, समझें
बिना प्रेगनेंसी के ब्रेस्ट से दूध निकलना (Galactorrhea) एक ऐसी स्थिति है, जिसके बारे में कई महिलाएं खुलकर बात नहीं करतीं। हालांकि, इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। समय पर सही जांच और विशेषज्ञ सलाह से इस समस्या का प्रभावी इलाज संभव है।
यदि आप भी इस समस्या का सामना कर रही हैं, तो किसी विश्वसनीय ivf centre से परामर्श लेना आवश्यक है। Renu IVF में डॉ. रेनू सिंह गहलोत आपकी स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन कर, आपको सुरक्षित और उपयुक्त उपचार विकल्प प्रदान करती हैं।
इस विषय को बेहतर समझने के लिए वीडियो अवश्य देखें और इसे अपनी सहेलियों एवं परिवार के साथ साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोग सही जानकारी प्राप्त कर सकें।
